हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ मां भद्रकाली मंदिर में होने वाला नवरात्र महोत्सव हुआ रद्द - GRAMEEN SANDESH

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हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ मां भद्रकाली मंदिर में होने वाला नवरात्र महोत्सव हुआ रद्द


 


विश्व स्वास्थ्य संगठन और केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दी है। इसलिए हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर में आयोजित होने वाला नवरात्रि महोत्सव रद्द कर दिया गया है।


 

रविवार को मंदिर के पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में 24 मार्च से एक अप्रैल तक शोभायात्रा, भगवती जागरण और भजन संध्या सहित अन्य सभी धार्मिक कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला लिया है।

यही नहीं, इंटरनेशनल टीवी आर्टिस्ट एवं प्लेबैक सिंगर तृप्ति शाक्य, भजन गायक लवली रामपाल शर्मा, नीतू शर्मा, सोनू मल्होत्रा सहित सभी करीब 250 कलाकारों बुकिंग भी रद्द की गई हैं। बता दें कि नवरात्र के उपलक्ष्य पर प्राचीन शक्तिपीठ श्रीभद्रकाली मंदिर में मन्नत मांगने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

हालांकि इन नवरात्रों में भी पहले की भांति मंदिर में पूजा-पाठ तो होगी, लेकिन मंदिर में माथा टेकने वाले सभी श्रद्धालुओं की कोरोना वायरस संबंधित विशेष थर्मल मशीन से स्क्रीनिंग कराई जाएगी। यही नहीं, बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सेनिटाइजर उपलब्ध कराने, सेवादारों को मास्क उपलब्ध कराने ओर सभी श्रद्धालुओं के बीच एक मीटर का फासला रखने का फैसला लिया है।

पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य प्रति सतर्कता बरतने के लिए मंदिर में चिकित्सकों की टीम का विशेष व्यवस्था की जाएगी। यही नहीं, मंदिर परिसर को दिन में 3 बार सेनिटाइज किया जाएगा। कमेटी के पदाधिकारी प्रो. हेमराज शर्मा, मां भद्रकाली सेवक मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र वालिया ने बताया कि कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए मंदिर में विशेष पूजापाठ व हवन किया जाएगा।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि पिछले एक माह में विदेशी यात्रा करने वाले सभी श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश से पूर्व मंदिर प्रशासन को सूचित करें और एलएनजेपी अस्पताल में अपना चैकअप करवाए। इस महामारी से किसी भी श्रद्धालु को डरने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिए सावधानी अवश्य बरते।

इसके अलावा बैठक में जनमानस के सर्वे भवंतु सुखिन: की कामना की गई और कहा कि अगर किसी भी श्रद्धालु में फ्लू से मिलते जुलते लक्षण हैं तो वे मंदिर में प्रवेश मत करें और अपने ही घर से मां की पूजा करें। उन्होंने कहा कि उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा इस संदर्भ में जो भी दिशा-निर्देश देंगे मां भद्रकाली शक्तिपीठ उसका हर प्रकार से पालन करेगा और सहयोग करेगा।



देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियां भी आ चुकी हैं मां के मंदिर में


उल्लेखनीय है कि भद्रकाली मंदिर में कई राजनीतिक हस्तियां पूजा करने के लिए आ चुकी हैं। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह की धर्मपत्नी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अभय चौटाला तथा सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के अनेक जस्टिस इस मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए आ चुके हैं।

मंदिर के फेसबुक पेज पर रोजाना लाइव होगी आरती
बैठक में फैसला लिया गया है कि जो श्रद्धालु किसी संक्रमण से पीड़ित है वह मंदिर के फेसबुक पेज पर शाम 7 से 8 बजे मां के लाइव दर्शन कर सकते हैं। इसके लिए मंदिर प्रशासन की ओर से फेसबुक पेज पर शाम 7 से 8 बजे लाइव प्रसारित की जाएगी।

श्रीदेवीकूप मां भद्रकाली मंदिर की ये हैं मान्यता
श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर में जहां मां भद्रकाली शक्ति रूप में विराजमान हैं। वहीं, वामन पुराण व ब्रह्मपुराण आदि ग्रंथों में कुरुक्षेत्र के सदंर्भ में चार कूपों का वर्णन आता है, जिसमें चंद्र कूप, विष्णु कूप, रुद्र कूप व देवी कूप हैं। पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने बताया कि श्रीदेवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ का इतिहास दक्षकुमारी सती से जुड़ा हुआ है।

भगवान शिव जब सती की मृत देह को लेकर ब्राह्मांड में घूमने लगे तो भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को 52 हिस्सों में बांट दिया। जहां-जहां सती के अंग गिरे वहां-वहां पर शक्ति पीठ स्थापित हुए। हरियाणा के एकमात्र प्राचीन शक्तिपीठ श्रीदेवी कूप भद्रकाली मंदिर कुरुक्षेत्र के देवी कूप में सती का दायां गुल्फ अर्थात घुटने से नीचे का भाग गिरा और यहां शक्तिपीठ की स्थापना हुई।

महाभारत के युद्ध से पूर्व अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरणा से मां भद्रकाली की पूजा की और कहा था कि महादेवी मैंने सच्चे मन से पूजा की है अत: आपकी कृपा से मेरी विजय हो और युद्ध के उपरांत मैं यहां पर घोड़े चढ़ाने आऊंगा। श्रीकृष्ण व पांडवों ने युद्ध जीतने पर ऐसा किया था, तभी से मान्यता पूर्ण होने पर यहां श्रद्धालु सोने, चांदी व मिट्टी के घोड़े चढ़ाते हैं। महाशक्तिपीठ में विशेष उत्सव के रूप में चैत्र व आश्विन के नवरात्र बड़ी धूमधाम से मनाए जाते हैं।


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