भारी बर्फबारी के बाद पिछले वर्ष नवंबर में बंद हुए 453 किमी लंबे श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर बर्फ हटाने का काम बीकन के जवानों और अधिकारियों ने रिकॉर्ड 18 दिनों में पूरा कर लिया है। इस काम से पिछले 60 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा है। पहले मार्च में बर्फ हटाने का काम ही शुरू होता था, मार्ग को अप्रैल में खोला जाता था। अब मार्च अंत तक राजमार्ग खुलने की उम्मीद है। कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाले इस राजमार्ग पर 10 से 50 फुट तक बर्फ जमा थी।
122 आरसीसी बीकन के ओसी कर्नल एसवी कृष्णा ने कहा कि लद्दाख को शेष देश के साथ जोड़ने के लिए इस साल 21 फरवरी को गगंगीर से बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया था। जवानों ने 12 आधुनिक मशीनों की मदद से सिर्फ 18 दिनों में जोजिला पास तक राजमार्ग साफ कर दिया है।
कर्नल कृष्णा के अनुसार, इस साल हम पिछले वर्षों की तुलना में बहुत आगे हैं और यह सब ऐसी स्थिति में संभव हुआ है जब हिमालय के इस क्षेत्र में भीषण बर्फबारी के चलते करीब 10 से 50 फुट तक बर्फ जमा थी। उन्होंने बताया कि बर्फ हटाने का काम आगे भी तब तक जारी रहेगा, जब तक टीम जोजिला पास के प्रोजेक्ट विजक की स्नो क्लीयरेंस टीम तक नहीं पहुंचती।
क्लीयरेंस रिपोर्ट का इंतजार
इस राजमार्ग पर यातायात को अनुमति देने का काम कारगिल और गांदरबल जिला प्रशासन का होता है। इस बीच गांदरबल के एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि बीकन की ओर से अभी तक उनको औपचारिक तौर पर कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। उनकी ओर से क्लीयरेंस आने के बाद राजमार्ग को खोलने पर कोई फैसला होगा।
122 आरसीसी बीकन के ओसी कर्नल एसवी कृष्णा ने कहा कि लद्दाख को शेष देश के साथ जोड़ने के लिए इस साल 21 फरवरी को गगंगीर से बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया था। जवानों ने 12 आधुनिक मशीनों की मदद से सिर्फ 18 दिनों में जोजिला पास तक राजमार्ग साफ कर दिया है।
कर्नल कृष्णा के अनुसार, इस साल हम पिछले वर्षों की तुलना में बहुत आगे हैं और यह सब ऐसी स्थिति में संभव हुआ है जब हिमालय के इस क्षेत्र में भीषण बर्फबारी के चलते करीब 10 से 50 फुट तक बर्फ जमा थी। उन्होंने बताया कि बर्फ हटाने का काम आगे भी तब तक जारी रहेगा, जब तक टीम जोजिला पास के प्रोजेक्ट विजक की स्नो क्लीयरेंस टीम तक नहीं पहुंचती।
क्लीयरेंस रिपोर्ट का इंतजार
इस राजमार्ग पर यातायात को अनुमति देने का काम कारगिल और गांदरबल जिला प्रशासन का होता है। इस बीच गांदरबल के एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि बीकन की ओर से अभी तक उनको औपचारिक तौर पर कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। उनकी ओर से क्लीयरेंस आने के बाद राजमार्ग को खोलने पर कोई फैसला होगा।